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Wednesday, April 30, 2014

तिवारी ने गडकरी से मांगी, बिना शर्त क्षमा

तिवारी ने गडकरी से मांगी, बिना शर्त क्षमा
केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने दुर्भावना पूर्वक भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी के विरुद्ध आदर्श सोसायटी घोटाले के संदर्भ में लगाए गए मिथ्या आरोपों के लिए उनसे ‘‘बिना शर्त क्षमा’’ मांगी है। भाजपा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार तिवारी ने न्यायालय में दिए लिखित वक्तव्य में गडकरी पर लगाए गए गलत आरोपों के लिए क्षमा मांगते हुए कहा है कि भविष्य में वह आदर्श सोसायटी को लेकर उनके बारे में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, जिनसे उनकी मानहानी हो। तिवारी ने कांग्रेस प्रवक्ता के रूप में 10 नवंबर, 2010 को संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि गडकरी का आदर्श सोसायटी में 'बेनामी फ्लैट' है।
गडकरी ने इस आरोप का खंडन करते हुए तिवारी से क्षमा मांगने को कहा था, किन्तु तब ऐसा नहीं करने पर उन्होंने आपराधिक मानहानि का मामला अंकित किया। तिवारी ने मुंबई की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की न्यायालय में दिए लिखित वक्तव्य में कहा, कि आदर्श सोसायटी घोटाले की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की रपट देखने के बाद यह स्पष्ट हुआ है, कि ‘‘इस घोटाले में आपका किसी तरह का कोई लेना देना नहीं था।’’ उन्होंने स्वीकार किया, कि 10 नवंबर, 2010 को उन्होंने जो वक्तव्य दिया था, वह सही तथ्यों पर आधारित नहीं था। गडकरी ने तिवारी की ‘‘बिना शर्त क्षमा याचना’’ के बाद न्यायालय से कांग्रेस नेता के विरुद्ध अपनी याचिका वापस ले ली है। 
मनीष तिवारी ने तो "क्षमा याचना’’ कर ली किन्तु इन मिथ्या आरोपों के सन्दर्भ से केजरीवाल मिथ्या आरोपों के प्रहार करता रहा तथा भाजपा के विरुद्ध जनता को भ्रमित कर लोकतंत्र से खिलवाड़ करता रहा। जब तक मनीष तिवारी अथवा केजरीवाल जैसों पर प्रभावी रोक क़ी कर्यवाही नहीं होती तब तक हम इसे सफल लोकतंत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता कैसे मान लें। 
नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का
सार्थक संकल्प -युगदर्पण मीडिया समूह YDMS- तिलक संपादक
देश की मिटटी की सुगंध, भारतचौपाल | -तिलक संपादक

Tuesday, April 1, 2014

नव संवत 2071, चैत्र प्रतिपदा

नव संवत 2071, चैत्र प्रतिपदा की शुभकामनाएं। आप सभी को सपरिवार मंगलमय हो। 
अंग्रेजी का नव वर्ष भले हो मनाया,
उमंग उत्साह चाहे हो जितना दिखाया;
विक्रमी संवत बढ़ चढ़ के मनाएं,
चैत्र के नवरात्रे जब जब आयें।
घर घर सजाएँ उमंग के दीपक जलाएं;
खुशियों से ब्रहमांड तक को महकाएं।
यह केवल एक कैलेंडर नहीं, प्रकृति से सम्बन्ध है;
इसी दिन हुआ सृष्टि का आरंभ है। 
 तदनुसार 31 मार्च 2014, इस धरा के वराह कल्प की   1955885114वीं वर्षगांठ तथा इसी दिन सृष्टि का शुभारंभ   हुआ. आज के दिन की प्रतिष्ठा ?
1. भगवान राम का जन्म एवं कालांतर में राज्याभिषेक.  2. युधिस्ठिर संवत का आरंभ  3. विक्रमादित्य का दिग्विजय सहित विक्रमी संवत 2070 वर्ष पूर्व आरंभ  4. वासंतिक नवरात्र का शुभारंभ  5. शिवाजी महाराज की राज्याभिषेक. 6. राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ  के संस्थापक डॉ  
केशव बलिराम हेडगेवर जी का  जन्म  7. आर्य समाज की स्थापना भी वर्षप्रतिपदा को हुई।  देश के विभिन्न क्षेत्रों में इसे गुडी पडवा,   उगादी, दुर्गा पूजा आदि के रूप में मनाते है। ईश्वर हम सबको ऐसी इच्छा शक्ति प्रदान करे, जिससे हम अखंड माँ भारती को जगदम्बा का स्वरुप प्रदान करे। 
धरती मां पर छाये वैश्विक ताप रुपी दानव को परास्त करे... और सनातन धर्म की जय हो।..
युगदर्पण परिवार की ओर से अखिल विश्व में फैले हिन्दू समाज सहित,चरअचर सभी के लिए गुडी पडवा, उगादी,
नव संवत 2071 , चैत्र प्रतिपदा की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं।
जय भबानी,  जय श्री राम,  भारत माता की जय.
जब नकारात्मक बिकाऊ मीडिया जनता को भ्रमित करे,  तब पायें - नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक 
व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प- युगदर्पण मीडिया समूह YDMS. हिंदी साप्ताहिक राष्ट्रीय समाचार पत्र, 2001
से पंजी सं RNI DelHin 11786/2001 (Join YDMS ;qx&niZ.k विशेष प्रस्तुति विविध विषयों के 28 ब्लाग, 
5 चैनल व अन्य सूत्र।) की 60 सेअधिक देशों में एक वैश्विक  पहचान है।
जागो और जगाओ!  जड़ों से जुड़ें, 
युगदर्पण मीडिया समूह YDMS से जुड़ें!!  इसके समर्थक, योगदानकर्ता, प्रचारक,  बन कर। 
विश्व कल्याणार्थ भारत को विश्व गुरु बनाओ !!!     যুগ দর্পণ, યુગ દર્પણ  ਯੁਗ ਦਰ੍ਪਣ, யுகதர்பண  യുഗദര്പണ  యుగదర్పణ  ಯುಗದರ್ಪಣ, يگدرپ, युग दर्पण:,  ;qx&niZ.k yugdarpan. 
Media For Nation First and last. राष्ट्र प्रथम से अंतिम, आधारित मीडिया YDMS, तिलक -समूह संपादक 
युग दर्पण मीडिया समूह Yug Darpan Media Samooh 
YDMS 9911111611,  7531949051, 9999777358, 9911383670. 
कभी विश्व गुरु रहे भारत की, धर्म संस्कृति की पताका;
विश्व के कल्याण हेतू पुनः नभ में फहराये | - तिलक
यह राष्ट्र जो कभी विश्वगुरु था, आज भी इसमें वह गुण,
 योग्यता व क्षमता विद्यमान है | आओ मिलकर इसे बनायें; - तिलक
विश्वगुरु रहा वो भारत, इंडिया के पीछे कहीं खो गया |
 इंडिया से भारत बनकर ही, विश्व गुरु बन सकता है; - तिलक
http://dharmsanskrutidarpan.blogspot.in/2014/03/2071.html
http://jeevanshailydarpan.blogspot.in/2014/03/2071.html
पूरा परिवेश पश्चिम की भेंट चढ़ गया है | उसे संस्कारित, योग, आयुर्वेद का अनुसरण कर
हम अपने जीवन को उचित शैली में ढाल सकते हैं | आओ मिलकर इसे बनायें; - तिलक
हमें, यह मैकाले की नहीं, विश्वगुरु की शिक्षा चाहिए | आओ, मिलकर इसे बनायें; - तिलक
जीवन ठिठोली नहीं, जीने का नाम है |
देश की मिटटी की सुगंध, भारतचौपाल | -तिलक संपादक