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Monday, August 29, 2022

Union Minister of State Rajeev Chandra Shekhar on Release of Report on Globalise to Localise.
(Courtesy PIB.)

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*युदस नदि 29 अग2022:* (Courtesy PIB.) Press Conference Union Minister of State Rajeev Chandrashekhar on Release of Report on Globalise to Localise. Exporting at scale and deepening the ecosystem are vital to higher domestic value addition in electronics." by Rajeev Chandrashekhar Union Minister of State for Electronic and IT, Skill development and Entrepreneurship on the Press Conference.
*वैश्विक से स्थानीय एक रपट:* मात्रा में निर्यात और पारिस्थितिकी तंत्र, की हमारे इलैक्ट्रिक क्षेत्र के उच्च घरेलू स्तर वृद्धि में प्रमुख भूमिका है, मंत्री ने कहा। इलैक्ट्रिक सूप्रो, उद्यमिता विकास एवं क्रियान्वयन में कैंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर, पत्रकारों से बात करते हुए।
यह वीडियो आपको सीधे प्रसारण उपलब्ध करा रहे हैं अधीकृत वीडियो समाचार की श्रृंखला YDMS👑 के माध्यम। हमारी श्रृंखला के विविध विषयों के यूट्यूब चैनल *▶DD-Live YDMS👑 दूरदर्पण* की विविध विषयों की प्ले सूची *👉1/324, अर्थ💰 उद्योग 🏭श्रम दर्पण👈* ऐसे सक्रिय अधीकृत समाचार निरंतर पाने हेतु चैनल सब्सक्राइब करें एवं सर्व प्रादेशिक यूट्यूब चैनल *▶CD-Live YDMS👑 चयनदर्पण* तथा दोनों की घंटी का बटन दबाएं।
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देश की मिटटी की सुगंध, भारतचौपाल | -तिलक संपादक

BJP National President JP Nadda, addresses a press conference in Agartala, Tripura. BJP NQ.

<b>BJP National President JP Nadda, addresses a press conference in Agartala, Tripura. BJP NQ.</b>

<b>*1/78, पूर्वोत्तर क्षेत्र 👑दर्पण YDMS* 
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<b>*युदस नदि/agtl 29 अग2022:*</b> BJP National President JP Nadda, addresses a press conference in Agartala, Tripura. BJP NQ.  
अगरतला (त्रिपुरा) से प्राप्त वीडियो में आप देख रहे हैं, कुछ ही देर पूर्व, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रेम को संबोधित करते हुए। आपको सीधे प्रसारण उपलब्ध करा रहे हैं अधीकृत वीडियो समाचार की श्रृंखला YDMS👑 के माध्यम। हमारी श्रृंखला के सर्व प्रादेशिक यूट्यूब चैनल *▶CD-Live YDMS👑 चयनदर्पण* की पूर्वोत्तर राज्यों की प्ले सूची *1/78, पूर्वोत्तर क्षेत्र 👑दर्पण YDMS* ऐसे सक्रिय अधीकृत समाचार निरंतर पाने हेतु चैनल सब्सक्राइब करें एवं सभी विविध विषयों हेतु *▶DD-Live YDMS👑 दूरदर्पण* तथा दोनों की घंटी का बटन दबाएं। 
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देश की मिटटी की सुगंध, भारतचौपाल | -तिलक संपादक

अमरपुर (त्रिपुरा) स्थित शांति धाम में शांति काली मंदिर का लोकार्पण समारोह (साभार: रास्वसं)

*2/78, पूर्वोत्तर क्षेत्र दर्पण YDMS*
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*युदस नदि 28 अग2022:* अमरपुर (त्रिपुरा) स्थित शांति धाम में शांति काली मंदिर का लोकार्पण समारोह (साभार: रास्वसं)
इस कार्यक्रम में पूजनीय सरसंघचालक डॉ मोहनराव भागवत जी उपस्थित रहे। आपको सीधे प्रसारण उपलब्ध करा रहे हैं अधीकृत वीडियो समाचार की श्रृंखला YDMS के माध्यम। हमारी श्रृंखला के सर्व प्रादेशिक यूट्यूब चैनल *CD-Live YDMS चयनदर्पण* की पूर्वोत्तर राज्यों की प्ले सूची *2/78, पूर्वोत्तर क्षेत्र दर्पण YDMS* ऐसे सक्रिय अधीकृत समाचार निरंतर पाने हेतु चैनल सब्सक्राइब करें एवं सभी विविध विषयों हेतु *DD-Live YDMS दूरदर्पण* तथा दोनों की घंटी का बटन दबाएं।
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देश की मिटटी की सुगंध, भारतचौपाल | -तिलक संपादक

Monday, April 25, 2022

Why Punjabi is excluded from J&K’s official languages’ list is again a JUMLA-ISM by – AAP

Why Punjabi is excluded from J&K’s official languages’ list

 is again a JUMLA-ISM by – AAP  

yds Jammu, 24 April 2022: In a Thief Cry, Jumla-ism Press Brief of APP by D S Ranotra Aam Aadmi Party leader raises the issue against language bill passed in September 2020 by BJP led government. Aam Aadmi Party leader said that the new law makes provisions only to cheer the Punjabi language, along with Gurjari and Pahari, not include it in J&K’s list of official languages.

D S Ranotra also said that Exclusion of Punjabi from J&K languages bill ‘anti-minority’ move while briefing he flayed the Centre over the exclusion of Punjabi from the Jammu and Kashmir Official Languages Bill, describing the move as “anti-minority”.

 

AAP leader again added that 20,000 CR Schemes announced for the people of Jammu & Kashmir is actually for the BJP team of Jammu and Kashmir. He said it’s just a JUMLA-ISM of Modi.

He also said that Punjabi was a part and parcel of the constitution of Jammu and Kashmir before the abrogation of Article 370 provisions. “Punjabi was a recognized language duly certified by the Constitution of Jammu and Kashmir.” The AAP leader said the move had “badly bruised the sentiments of the minorities, more so those belonging to the Sikh community”. He added that Punjabi was a popular language in Jammu and Kashmir spoken by lakhs of people.

In a statement D S Ranotra condemned the alleged neglect of Punjabi language in the state. It claimed that first it was made a non-compulsory subject/language and then all efforts were made by the successive governments for extinction of Punjabi language.

“Punjabi language has been given the recognition and guarantee under Article 146, Schedule VI of the J&K Constitution. Thus it becomes obligatory on the part of the J&K Government to make all efforts for the promotion of Punjabi language in addition to other regional languages,” a statement said.  https://mail.google.com/mail/u/0?ui=2&ik=ca69eb8d89&attid=0.1&permmsgid=msg-f:1730995787374367793&th=1805bb7f56259431&view=att&disp=safe&realattid=f_l2dbdn4m0 

-- तिलक रेलन आज़ाद वरिष्ठ पत्रकार, 

-युगदर्पण®2001 मीडिया समूह YDMS👑

  देश की मिटटी की सुगंध, भारतचौपाल | -तिलक संपादक

Sunday, April 17, 2022

'विदेशमंत्री एस जयशंकर ने मानवाधिकार पर अमरीका को दिखाया दर्पण, 'त्वरित हुआ विख्यात।'

<b>'विदेशमंत्री एस जयशंकर ने मानवाधिकार पर अमरीका को दिखाया दर्पण, 'त्वरित हुआ विख्यात।'</b>
*1/285, विश्व, राष्ट्रनीति, संविधान और वैश्विक👑 सम्बन्ध:* 
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*युदस नदि 16 अप्रैल 2022:* वीके कृष्‍ण मेनन ने जो घंटों में कहा, मैं 6 मिनट में बोल सकता हूं'। 
भारत में मानवाधिकार की स्थिति पर अमेरिका ने टिप्‍पणी की तो सटीक उत्तर तुरंत मिल गया। जब अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने भारतीय मंत्रियों के सामने मानवाधिकार का विषय उठाया तो विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका की मानवाधिकार स्थिति पर ध्यान दिलाया। जयशंकर का उत्तर सोशल मीडिया पर वायरल है। जयशंकर ने भारत पर प्रश्न उठाने वाले समूहों को भी स्पष्ट संदेश दे दिया है। यह प्रथम बार नहीं, जब जयशंकर ने अपने स्पष्टवादिता से प्रशंसा पाई हो। वह पहले भी अपनी कटु सत्य बात कहने के लिए जाने जाते हैं। और ख्याति पाते हैं। 
इस बार से लाखों हो गए जयशंकर के प्रशंसक। 
कांग्रेस शासन में जिसे सम्मान मिला नहीं, अब मोदी शासन में उसे ब्याज सहित मिल रहा है। 
- तिलक रेलन आज़ाद वरिष्ठ पत्रकार,  
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देश की मिटटी की सुगंध, भारतचौपाल | -तिलक संपादक

Sunday, March 13, 2022

*👉11वा खेल महाकुंभ, उद्घाटन गुजरात में मोदी👈*

,<b>*<b>👉गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी👈* 
*युदस/पसुका नदि: 12 मार्च 2022:* गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ के उद्घाटन पर बोले प्रधानमंत्री मोदी-</b> </b> 
नमस्कार! भारत माता की जय! 
अपने भाषण में मोदी ने,
गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा के अध्यक्ष सी आर पाटिल, गुजरात सरकार में खेल राज्य मंत्री हर्ष सांघवी, सांसद हंसमुख भाई पटेल, नरहरि अमीन और अहमदाबाद के नगर अध्यक्ष किरीट कुमार परमार, सहित अन्य महानुभाव और गुजरात के कोने-कोने से आए युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा-

मेरे सामने ये युवा जोश का ये सागर, ये उमंग, ये उत्साह की लहरें, ये स्पष्ट बता रही हैं कि गुजरात का नवयुवक आप सब आकाश छूने के लिए तैयार हैं। ये न केवल खेलों का महाकुंभ है, बल्कि ये गुजरात की युवा शक्ति का भी महाकुंभ है। इसके साथ ही मोदी ने 11वें खेल महाकुंभ के लिए सभी युवाओं को ढेर सारी शुभकामनाएं दी। तथा गुजरात सरकार को, विशेष रूप से मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल को भी इस भव्य आयोजन के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। मोदी ने कहा, कोरोना के कारण दो वर्षों तक खेल महाकुंभ स्थगित रहा। किन्तु भूपेन्द्र भाई ने जिस भव्यता के साथ इस आयोजन को आरंभ किया है, उसने युवा खिलाड़ियों को नए जोश से भर दिया है। 

मोदी ने कह,

मुझे याद है, 12 वर्ष पूर्व 2010 में गुजरात के मुख्‍यमंत्री के नाते, उस कार्यकाल में खेल महाकुंभ के आरंभ को स्मरण करते कहा, अपने बोए सपने के बीज को, आज इतने विशाल वटवृक्ष का आकार लेते देख रहा हूँ। 2010 में प्रथम खेल महाकुंभ में ही गुजरात ने 16 खेलों में 13 लाख खिलाड़ियों के साथ इसका आरंभ किया था। जबकि 2019 में हुये खेल महाकुंभ में ये भागीदारी 13 लाख से 40 लाख युवाओं तक पहुँच गई थी। 36 खेलों, और 26 अर्ध-खेलों में 40 लाख खिलाड़ी! कबड्डी, खो-खो तथा रस्साकसी से लेकर योगासन और मल्लखंभ तक! मोदी ने कहा- स्केटिंग और टेनिस से लेकर फेंसिंग तक, प्रत्येक खेल में हमारे युवा आज कमाल कर रहे हैं और अब ये आंकड़ा 40 लाख को पार करके 55 लाख पहुंच रहा है। 
‘शक्तिदूत’ जैसे कार्यक्रमों के द्वारा खेल महाकुंभ के खिलाड़ियों को सहयोग देने का दायित्व भी सरकार उठा रही है। और ये जो सतत अविराम प्रयास किये गए, खिलाड़ियों ने जो साधना की और जब खिलाड़ी प्रगति करता है तो उसके पीछे एक लंबी तपस्‍या होती है। जो संकल्प गुजरात के लोगों ने मिलकर लिया था, वो आज विश्व में अपना परचम लहरा रहा है। 

नौजवान को सम्बोधित करते मोदी बोले, ये गुजरात की युवा शक्ति का आपको गर्व है? गुजरात के खिलाड़ी पराक्रम कर रहे हैं, आपको गर्व हो रहा है? खेल महाकुंभ से निकलने वाले युवा ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ और एशियन खेलों सहित कई वैश्विक खेलों में आज देश का और गुजरात का युवा अपनी छटा बिखेर रहे हैं। ऐसी ही प्रतिभाएं इस महाकुंभ से भी आपके बीच से ही निकलने वाली हैं। खिलाड़ी युवा तैयार करते हैं। खेल के मैदान से उभरते हैं और पूरे भारत का ध्वज विश्व में लहराते हैं।

मोदी ने आगे कहा, एक समय था जब खेल जगत में भारत की पहचान केवल एक दो खेलों के बल पर टिकी थी। इसका परिणाम ये हुआ कि जो खेल देश के गौरव और पहचान से जुड़े थे, उन्हें भी भुला दिया गया। इस कारण से खेलों से जुड़े संसाधन बढ़ाने, खेल आधार भूत संरचना को आधुनिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए था, जितनी प्राथमिकता देनी चाहिए थी, वो एक प्रकार से रुक गया था। इतना ही नहीं, जैसी राजनीति में भाई-भतीजावाद घुस गया है, खेल जगत में भी खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी भी एक बहुत बड़ा कारण था। खिलाड़ियों की सारी प्रतिभा समस्याओं से जूझने में ही निकल जाती थी। उस भंवर से निकलकर भारत के युवा आज आकाश छू रहे हैं। स्वर्ण और रजत की चमक देश के आत्मविश्वास को भी चमका रही है और चमत्कार का अनुभव भी करा रही है। विश्व का सबसे युवा देश खेल के मैदान में भी एक शक्ति बनकर उभर रहा है। टोक्यो ओलम्पिक और अर्द्धओलम्पिक, उसमें हमारे खिलाड़ियों ने इस परिवर्तन को प्रमाणित किया है। टोक्यो ओलम्पिक में भारत ने प्रथम बार 7 पदक जीते हैं। यही स्थिति भारत के बेटे-बेटियों ने टोक्यो अर्द्धओलम्पिक में भी बनाया। भारत ने इस वैश्विक प्रतियोगिता में 19 पदक जीते। किन्तु, साथियों, ये तो आरम्भ है। न भारत रुकने वाला है, न थकने वाला है। मुझे मेरे देश की युवा शक्ति पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों की तपस्या पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों के सपने, संकल्प और समर्पण पर विश्वास है। और इसलिए आज मैं लाखों युवाओं के सामने साहस के साथ कह सकता हूं कि भारत की युवा शक्ति इसे बहुत आगे लेकर जाएगी। वो दिन दूर नहीं जब हम कई खेलों में, कई पदक एक साथ जीतने वाले देशों में भारत का तिरंगा लहराएंगे। https://t.me/ydms_oll अभी है-,<b>*<b>👉गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी👈* 
*युदस/पसुका नदि: 12 मार्च 2022:* गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ के उद्घाटन पर बोले प्रधानमंत्री मोदी-</b> </b> 
नमस्कार! भारत माता की जय! 
अपने भाषण में मोदी ने,
गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा के अध्यक्ष सी आर पाटिल, गुजरात सरकार में खेल राज्य मंत्री हर्ष सांघवी, सांसद हंसमुख भाई पटेल, नरहरि अमीन और अहमदाबाद के नगर अध्यक्ष किरीट कुमार परमार, सहित अन्य महानुभाव और गुजरात के कोने-कोने से आए युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा-

मेरे सामने ये युवा जोश का ये सागर, ये उमंग, ये उत्साह की लहरें, ये स्पष्ट बता रही हैं कि गुजरात का नवयुवक आप सब आकाश छूने के लिए तैयार हैं। ये न केवल खेलों का महाकुंभ है, बल्कि ये गुजरात की युवा शक्ति का भी महाकुंभ है। इसके साथ ही मोदी ने 11वें खेल महाकुंभ के लिए सभी युवाओं को ढेर सारी शुभकामनाएं दी। तथा गुजरात सरकार को, विशेष रूप से मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल को भी इस भव्य आयोजन के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। मोदी ने कहा, कोरोना के कारण दो वर्षों तक खेल महाकुंभ स्थगित रहा। किन्तु भूपेन्द्र भाई ने जिस भव्यता के साथ इस आयोजन को आरंभ किया है, उसने युवा खिलाड़ियों को नए जोश से भर दिया है। 

मोदी ने कह,

मुझे याद है, 12 वर्ष पूर्व 2010 में गुजरात के मुख्‍यमंत्री के नाते, उस कार्यकाल में खेल महाकुंभ के आरंभ को स्मरण करते कहा, अपने बोए सपने के बीज को, आज इतने विशाल वटवृक्ष का आकार लेते देख रहा हूँ। 2010 में प्रथम खेल महाकुंभ में ही गुजरात ने 16 खेलों में 13 लाख खिलाड़ियों के साथ इसका आरंभ किया था। जबकि 2019 में हुये खेल महाकुंभ में ये भागीदारी 13 लाख से 40 लाख युवाओं तक पहुँच गई थी। 36 खेलों, और 26 अर्ध-खेलों में 40 लाख खिलाड़ी! कबड्डी, खो-खो तथा रस्साकसी से लेकर योगासन और मल्लखंभ तक! मोदी ने कहा- स्केटिंग और टेनिस से लेकर फेंसिंग तक, प्रत्येक खेल में हमारे युवा आज कमाल कर रहे हैं और अब ये आंकड़ा 40 लाख को पार करके 55 लाख पहुंच रहा है। 
‘शक्तिदूत’ जैसे कार्यक्रमों के द्वारा खेल महाकुंभ के खिलाड़ियों को सहयोग देने का दायित्व भी सरकार उठा रही है। और ये जो सतत अविराम प्रयास किये गए, खिलाड़ियों ने जो साधना की और जब खिलाड़ी प्रगति करता है तो उसके पीछे एक लंबी तपस्‍या होती है। जो संकल्प गुजरात के लोगों ने मिलकर लिया था, वो आज विश्व में अपना परचम लहरा रहा है। 

नौजवान को सम्बोधित करते मोदी बोले, ये गुजरात की युवा शक्ति का आपको गर्व है? गुजरात के खिलाड़ी पराक्रम कर रहे हैं, आपको गर्व हो रहा है? खेल महाकुंभ से निकलने वाले युवा ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ और एशियन खेलों सहित कई वैश्विक खेलों में आज देश का और गुजरात का युवा अपनी छटा बिखेर रहे हैं। ऐसी ही प्रतिभाएं इस महाकुंभ से भी आपके बीच से ही निकलने वाली हैं। खिलाड़ी युवा तैयार करते हैं। खेल के मैदान से उभरते हैं और पूरे भारत का ध्वज विश्व में लहराते हैं।

मोदी ने आगे कहा, एक समय था जब खेल जगत में भारत की पहचान केवल एक दो खेलों के बल पर टिकी थी। इसका परिणाम ये हुआ कि जो खेल देश के गौरव और पहचान से जुड़े थे, उन्हें भी भुला दिया गया। इस कारण से खेलों से जुड़े संसाधन बढ़ाने, खेल आधार भूत संरचना को आधुनिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए था, जितनी प्राथमिकता देनी चाहिए थी, वो एक प्रकार से रुक गया था। इतना ही नहीं, जैसी राजनीति में भाई-भतीजावाद घुस गया है, खेल जगत में भी खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी भी एक बहुत बड़ा कारण था। खिलाड़ियों की सारी प्रतिभा समस्याओं से जूझने में ही निकल जाती थी। उस भंवर से निकलकर भारत के युवा आज आकाश छू रहे हैं। स्वर्ण और रजत की चमक देश के आत्मविश्वास को भी चमका रही है और चमत्कार का अनुभव भी करा रही है। विश्व का सबसे युवा देश खेल के मैदान में भी एक शक्ति बनकर उभर रहा है। टोक्यो ओलम्पिक और अर्द्धओलम्पिक, उसमें हमारे खिलाड़ियों ने इस परिवर्तन को प्रमाणित किया है। टोक्यो ओलम्पिक में भारत ने प्रथम बार 7 पदक जीते हैं। यही स्थिति भारत के बेटे-बेटियों ने टोक्यो अर्द्धओलम्पिक में भी बनाया। भारत ने इस वैश्विक प्रतियोगिता में 19 पदक जीते। किन्तु, साथियों, ये तो आरम्भ है। न भारत रुकने वाला है, न थकने वाला है। मुझे मेरे देश की युवा शक्ति पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों की तपस्या पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों के सपने, संकल्प और समर्पण पर विश्वास है। और इसलिए आज मैं लाखों युवाओं के सामने साहस के साथ कह सकता हूं कि भारत की युवा शक्ति इसे बहुत आगे लेकर जाएगी। वो दिन दूर नहीं जब हम कई खेलों में, कई पदक एक साथ जीतने वाले देशों में भारत का तिरंगा लहराएंगे। https://t.me/ydms_oll अभी है- 
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